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छत्तीसगढ़ में अब 6 दिन खुलेंगी दुकानें, कल से चलेंगे ऑटो और टैक्सी, एक जुलाई से खुल सकते हैं स्कूल

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रायपुर | लॉकडाउन के कारण ठप हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बुधवार को नए दिशा-निर्देश जारी किए। इसके तहत जहां अब सप्ताह में 6 दिन दुकानें खुलेंगी, वहीं 28 मई यानी गुरुवार से ऑटो और टैक्सी भी चलने शुरू हो जाएंगे। इसके अतिरिक्त अन्य राज्यों से लौटने वाले श्रमिकों को राशन और मनरेगा जॉब कार्ड बनेंगे।

उनमें से कुशल और अर्धकुशल श्रमिकाें की लिस्ट तैयार कर उद्योगों को सौंपी जाएगी। क्वारैंटाइन सेंटर में रखे गए श्रमिकों के मनोरंजन के लिए टीवी, रेडियो की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में राज्य की आर्थिक गतिविधियों को दोबारा शुरू करने को लेकर कैबिनेट मंत्रियों और उच्चाधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी।

इसमें तय किया गया कि लोगों की दिक्कतों को देखते हुए अब वैवाहिक कार्यक्रम की अनुमति तहसीलदार देंगे। इस प्रक्रिया को और सरल बनाया जा रहा है। सरकार की ओर से बढ़ाई गई इस छूट का लाभ फिलहाल रेड जोन और कंटेंनमेंट एरिया में नहीं मिलेगा। वहीं, माॅल, सिनेमा घर, राजनैतिक सभाएं, सामाजिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध पहले की ही तरह होगा। बैठक में एक जुलाई से स्कूल खोलने को लेकर भी चर्चा की गई है। हालांकि इस पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।

दुकानों व बाजारों में शारीरिक दूरी बनाना जरूरी

दुकानें सप्ताह में 6 दिन खोलने का निर्णय लिया गया। सभी दुकानों और बाजारों में शारीरिक दूरी की बंदिशें पहले की तरह लागू रहेंगी। यह निर्णय भीड़ से राहत देने और व्यवसायिक-व्यापारिक गतिविधियां शुरू कर रोजगार के साथ अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

बाहर से आने वाले श्रमिकों को करेंगे चिंतामुक्त

  • मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश वापस आने वाले श्रमिकों को राशन और रोजगार की चिंता से मुक्त करने की जरूरत है। इसके लिए तत्काल उनके राशन कॉर्ड और मनरेगा जॉब-कार्ड बनवाए जाएं।
  • कुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की सूची तैयार कर स्थानीय उद्योगों को उपलब्ध कराया जाए। इससे उद्योगों को जहां जरूरत के अनुसार श्रमिक मिलेंगे वहीं, श्रमिकों को नियमित रोजगार मिलेगा।
  • बैठक में ज्यादा से ज्यादा उद्योगों को भी शुरू करने के उपायों पर विचार किया गया। लॉकडाउन के बाद प्रदेश के 1371 कारखानों में दोबारा काम शुरू हो गए हैं। इन कारखानों में 1.03 लाख श्रमिक काम पर लौट चुके हैं।

क्वारैंटाइन सेंटर में एनजीओ के माध्यम से श्रमिकों को देंगे प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने क्वारैंटाइन सेंटर्स में रह रहे प्रवासी मजदूरों के मनोरंजन के लिए टेलीविजन, रेडियो की व्यवस्था के निर्देश दिए गए। उन्होंने श्रमिकों को मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने के लिए साइकेट्रिस्ट की सेवाएं लेने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से क्वारैंटाइन सेंटर्स में योग या अन्य प्रेरक गतिविधियां संचालित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने तनाव कम करने, पूरे दिन की व्यवस्थित दिनचर्या तैयार कर इसका पालन सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया।

प्रदेश में अब तक 2.12 लाख श्रमिकों को वापस लाया गया

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 2.12 लाख प्रवासी श्रमिकों को वापस लाया गया है। अब तक 53 श्रमिक स्पेशल ट्रेन आ चुकी हैं और 68 प्रस्तावित हैं। जिला कलेक्टरों को राज्य आपदा निधि से 18.20 करोड़, मुसीबत में फंसे मजदूरों की सहायता के लिए करीब 4 करोड़, विभिन्न राज्यों में रह रहे प्रवासी श्रमिकों के बैंक खातों में 66.73 लाख रुपए राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी राज्य आपदा निधि से 75 करोड़ रुपए दिए गए हैं।

ई-पास के जरिए एक जिले से दूसरे में आ-जा सकेंगे

परिवहन आयुक्त ने गुरुवार से राज्य में ऑटो और टैक्सी चलाने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही लोग अब एक जिले से दूसरे जिलों में भी आ-जा सकेंगे। हालांकि इसके लिए ई-पास होना अनिवार्य है। ई-पास के लिए CGCIVID-19 E-Pass एप से या फिर वेबसाइट https://epass.cgcovid19.in पर लॉगइन कर बनवा सकते हैं।

ऑनलाइन ई-पास के बिना अंतर जिला टैक्सी व ऑटो परिचालन की अनुमति नहीं होगी। बिना अनुमति परिचालन पर कार्रवाई की जाएगी। टैक्सी और ऑटो में यात्रा के दौरान अनिवार्य रूप से चेहरे पर मास्क लगाना, स्वच्छता, फिजिकल डिस्टेंसिंग और कोरोना नियंत्रण एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करना होगा।

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