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गरियाबंद : कोरोना से बचाव के लिए चौबीसों घण्टे सतर्क है जिला प्रशासन

गरियाबंद. कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन के घोषणा के पश्चात ही गरियाबंद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सजग है। जिले के नागरिक भी शासन और प्रशासन के आदेशों का अनुशासित होकर पालन कर रहे हैं। जिला प्रशासन और आमजनता मिलकर कोरोना वायरस को परास्त करने में जी-जान से जुटी हुई है। एक तरफ लोगों को घरों में सुरक्षित रहने क लिए अपील की जा रही है। वहीं दूसरी ओर अन्य प्रदेशों से आये मजदूरों से और प्रवासी लोगों के लिए राहत शिविर चलाकर एवं क्वारेंटाइन सेन्टर में उनके भोजन, आवास, राशन की माकूल व्यवस्था की गई है। कलेक्टर श्री श्याम धावड़े, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल एवं जिला पंचायत सीईओ श्री विनय लंगेह द्वारा जिले के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार दौरा कर जायजा लिया जा रहा है। उनके द्वारा शासन के आदेशो का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिये जा रहे हैं।

प्रवासी मजदूरो के व्यवस्थापन से लेकर राहत सामग्री पहुंचाने सजग है जिले के अधिकारी

जिले में विगत 17 मई को एक कोरोना पॉजिटिव मिलने के पश्चात जिला प्रशासन द्वारा लोगों को अपने घर में सुरक्षित रहने, लगातार साबुन से हाथ धोते रहने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और बिना मास्क के घर से बाहर नहीं निकलने की समझाईश दी जा रही है। शासकीय कार्यालयों को भी सेनेटाईज किया जा रहा है। कलेक्टर ने पुनः एक बार लोगों को अपुष्ट और भ्रामक जानकारी से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोरोना से संबंधित किसी भी तरह के अफवाहांे से बचे एवं जिला प्रशासन को अवगत कराये। श्री धावड़े ने यह भी कहा कि वैश्विक महामारी का रूप ले चुके इस बीमारी के संक्रमण को गंभीरता से लेते हुए सतर्कता के साथ सावधानी बरते। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन संक्रमण के फैलाव को रोकने सजगता के साथ कार्य कर रही है। प्रत्येक ग्राम पंचायतों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जो लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर जिला प्रशासन को रिपोर्ट दे रही है।

कलेक्टर ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील 

ज्ञात है कि जिले में चौबीसों घंटे कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके अलावा विकासखण्ड स्तर पर भी कन्ट्रोल रूम स्थापित कर मोबाईल नम्बर जारी किया गया है। कलेक्टर श्री धावड़े ने बताया कि अभी तक जिले में 29 व्यक्ति विदेश प्रवास से लौटे है तथा 3366 व्यक्ति दूसरें राज्यों से होकर आये हैं। इस तरह सभी 3387 व्यक्तियों का होम क्वारेंटाईन किया गय था। इनमें से 1882 यात्रियों का 28 दिवस का होम क्वारेंटाईन पूर्ण हो गया है। वर्तमान में 1505 व्यक्ति क्वारेंटाइन में है। इनका प्रतिदिन परीक्षण किया जा रहा है। अभी तक 1069 सैम्पल कलेक्ट किया गया है। जिनमें से एक पॉजिटिव एवं शेष सभी का रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुआ है। जिले में कुल 9 क्वारेंटाईन सेंटर स्थापित किया गया है, जिनमें कुल बिस्तरों की संख्या 41 है। इनमें दो-दो गरियाबंद, छुरा, मैनपुर , फिंगेश्वर एवं एक देवभोग में स्थापित किया गया है। यहां मेडिकल एवं अन्य स्टॉफ की ड्यूटी लगाई गई है।

अनुशासन तोड़ने वाले 83 लोगों पर एफआईआर दर्ज

इसके अलावा आश्रय स्थल गरियाबंद में एक 10 बिस्तर वाला आईसोलेशन सेंटर भी स्थापित किया गया है। जिला लाइवलीहूड कॉलेज गरियाबंद में 50 बिस्तर कोविड हास्पिटल विकसित किया जा रहा है। जिले में 226 पीपीई कीट, 532 एन-95 मास्क एवं 11006 हजार ट्रीपल लेयर मास्क की उपलब्धता है। जिले के स्वयं सहायता समूहों द्वारा मास्क तैयार किया जा रहा है। उनके द्वारा अभी तक कुल तीन लाख 11 हजार 215 मास्क तैयार किये गये है, जिन्हें मात्र 12-15 रूपये प्रति नग की दर से लोगों की उपलब्ध कराया जा रहा है।  जिले में गरीब, मजदूर और निराश्रितों को भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। अभी तक ऐसे 8144 गरीबों को भोजन उपलब्ध कराया गया है। वहीं 45 हजार 347 लोगों को निःशुल्क राशन वितरण किया गया है। संकट की इस परिस्थिति में स्वयं सेवी संस्था द्वारा भी 33 हजार 262 लोगों को भोजन और खाद्यान्न, मास्क निःशुल्क दिया गया है।

अभी तक 1894 प्रवासी मजदूर वापस आए

जिले में अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों की पंजीकृत संख्या 5 हजार 175 है वहीं अभी तक 1894 मजदूर जिले में आ गए है। जिन्हें इन श्रमिकों को क्वारेंटाइन करने के लिए 408 भवनों को चिन्हांकित किया गया है। जहां मजदूर क्वारेंटाइन में है। अन्य राज्यों के 233 प्रवासी श्रमिक जो जिले में कार्य कर रहे थे उन्हे भी सकुशल पहुंचाया गया है। जिले के 336 ग्राम पंचायतों में अनाज बैंक की स्थापना भी उपयोगी साबित हो रहा है। अनाज बैंक की स्थापना से जरूरतमंद लोगों के साथ ही असहाय, वृद्ध, निराश्रित और बीमार लोगों को एकत्रित हुए चावल, दाल , शक्कर और नगदी की सहायता दिया गया है। अनाज बैंक में जिले के संवेदनशील लोगों, समाज सेवी, व्यावसायिक संस्थाओं द्वारा अब तक 1573 क्विंटल चावल, 3562 क्विंटल दाल , चना 180 क्विंटल तथा राशि 12 लाख 49 हजार रूपये और अन्य दैनिक जरुरतों से संबंधित सामग्रियों का अनवरत दान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा सभी पंचायातों में दो क्ंिवटल अतिरिक्त चावल का भण्डारण सुनिश्चित किया गया है।

लॉकडाउन की अवधि में मजदूरों के रोजगार की चिंता करते हुए जिले के पंजीकृत मजदूरों को रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत चल रहे 1405 कार्यो में 68 हजार 902 श्रमिकों को रोजगार मिला है। इसके अतिरिक्त वन विभाग द्वारा वनोपज एवं तेंदूपत्ता का संग्रहण कार्य व्यापक पैमाने पर किया जा रहा है। कार्य स्थल पर मजदूरों को सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य सावधानियों पर जागरूक भी किया जा रहा है। कोरोना से निपटने के लिए सुरक्षा और सावधानी ही बचाव है, के मुख्य उद्देश्य को लेकर ऐसे लोगों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है, शासन के आदेशों और दिशा-निर्देशों का उलंघन कर रहे हैं। जिले में ऐसे 83 लोगों के विरूद्ध एफ.आई.आर दर्ज किया गया है। कलेक्टर ने जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सभी धार्मिक, सामाजिक एवं जनप्रतिनिधियों से भी अपील किया है कि वे भी इस लड़ाई के खिलाफ सक्रिय भागीदारी निभाते हुए जिले को कोरोना संक्रमण से बचाने आगे आए।

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